Sumiet23

Tuesday, 2 April 2013

नादानी का नशा...

1) नादानी का नशा सबसे गेहरा होता है..
It never descends before the "Time" slaps you hard.

2) जब गलती समझ मे आती है.. तब तक बहोत देर हो चूकी होती है..
But okay.. accept your faults.. and mind forever to not repeat them again.

3) You can't force anybody for anything.. cause none among all the relations here gives you that much rights..
Instead force yourself to be what you want to.

4) A Problem never makes you collapse.. but the way you face it makes.
Don't panic.. nothing will change without your reaction.

5) When a person loves you.. then yes.. it's your responsibility to return it..
But holla..!! Your burden is lightened when the same doesn't need you at all..

6) It's not good to leave a person who loves you.. but it's okay when the same one leaves you..
Don't sob.. you have no blames on you..

7) Say sorry.. feel sorry.. even for nothing.. it will change everything..
But also be aware.. The word "sorry" will only work for first few times..

8) Nobody can hurt anybody emotionally..
It's only your heart which hurts you memorizing those abused feelings.

9) Don't get low if nobody is willing to hold your hand..
You know na.. you have two hands..?
Hold them each other tightly.. nobody can then separate.

10) Observe this nature.. and you will be notified by some rules and discipline.. which you don't have.

11) Mourning for the past is like crying for the Dead..
You have only two options.. either die with the Dead.. or live for what is still alive.

12) Nobody can survive a person who wants to die..

13) People dump them more who already are..
So get up and try for the next play.

14) You are not a loser untill and unless you stop your attempts.

15) Attach only to that thing which will lead you higher.. and not to that which will take you in a Hell.

16) The Past is lost.. the Future is yet to gain..
You are living in present.. so learn to live in it.

17) See yourself being not you.. and you will know who are you..

18) It's a total Idiocy to beg others for your own life.. ain't it..?

19) Don't depend on others in your sorrow.. they will kick you.
Nobody wants to hug the Grief.

20) The one who stays same at the best and the worst.. is the only one who can conquer everything..

21) Everybody will love you.. but first.. be the worth for it..

22) If nothing is changing.. change your mind..

23) You would wander helplessly until you set your goals.

24) It's the Destiny who decides how you take birth.. and it's you who decide how to die..

25) Even if you get exactly what you want.. still you won't get it how much you want.. means forever..
It's impossible.. everything is vanishing simultaneously.
For example.. - You can't stick to your Lover's body day and night for years.. right na..?

26) I am the person who lost his everything, leaving nothing.. and I am the same who got everything in nothing..



                                      Sumiet23
These are those words which Sumiet got to hear in the deep silence..

Thursday, 21 March 2013

पुन्हा जगावसं वाटलं..

आज सकाळी अचानक एक नवल घडलं..
आरश्या समोर उभा राहून मी स्वतःला पाहिलं..
"किती गोड दिसतोस रे तू.." माझ्या मनाने सांगितलं..
तेव्हा कळत नकळत.. मला स्वतःवर प्रेम जडलं..

अन् आज मला पुन्हा जगावसं वाटलं..

लाल लाल ते सूर्य कसं सागरामध्ये शिरलं..
निसर्गाच्या सुगंधासोबत गार वारं पण सुटलं..
आप आपसात पशुपक्ष्यांनी ताल आणि सूर धरलं..
देवाचे हे सैंदर्य पाहून माझं मन हे रमलं..

अन् आज मला पुन्हा जगावसं वाटलं..

गाडी चालवत असताना मी पटकन ब्रेक दाबलं..
ओक्षाबोक्षी रडताना एक मूल मला दिसलं..
कसं बसं करून शेवटी घर त्याचं शोधलं..
पण जाता जाता मात्र मी त्याला हृदयाशी धरलं..

अन् आज मला पुन्हा जगावसं वाटलं..

कोप-यात बसून अश्रु गाळताना मला एकीने पाहिलं..
"का रे ? काय झालं ?" मग तिने मला विचारलं..
"कोणीच नाही गं माझं.." म्हणत माझं हुंदकं वाढलं..
म्हणाली ती डोळे पुसून.. "का ? मला समज ना आपलं.."

अन् आज मला पुन्हा जगावसं वाटलं.

कुटूंब नाही पैसा नाही असं दैव माझं फुटलेलं..
कोणत्यातरी कारणासाठी जगू असं काहीच नाही उरलं..
पण आज inbox मध्ये एक email मी पाहिलं..
नामवंत त्या कंपनीने मला उच्च पदासाठी नेमलं..

अन् आज मला पुन्हा जगावसं वाटलं..

ब-याच वर्षानंतर आज त्याने मला संपर्क साधलं..
बालपणीच्या मित्रासवे मग खूप दंगा ही केलं..
पुन्हा ती शाळा ते घर सारं काही आठवलं..
पटकन त्याने मला माझ्या लग्नाबद्दल wish केलं..

अन् आज मला पुन्हा जगावसं वाटलं.

बोलता बोलता आज मनात एक विचार आलं..
जिने मला जन्म देऊन लहानाचं मोठं केलं..
जे जे काही मी मागितलं ते ते मला दिलं..
काय होणार माझ्या आईचे मी मेल्यानंतर भलं..?

अन् आज मला पुन्हा जगावसं वाटलं.

पडून होतो मी अंधारात कोणीतरी हाथ माझं धरलं..
"पापा.. नका ना मारू मला.." असं हाक मारत राहिलं..
त्या गोड छकुलीला पाहून मन माझं द्रवलं..
लगेच जागा मी झालो स्वप्न माझं भंगलं..

अन् आज मला पुन्हा जगावसं वाटलं.

वाईट या अनुभवांनी मला खूप काही शिकवलं..
कोणास न दिसणारा देव मला माणूसकीत सापडलं..
दुस-यांसाठी काही तरी करावं असं वाटू लागलं..
मरताना मात्र मन नको म्हणायला "काही तरी राहिलं.."

अन् आज मला पुन्हा जगावसं वाटलं.

जगण्याची ईच्छाच संपली जेव्हापासून मानसीने मला सोडलं..
हृदय दुखतय तेव्हापासून ते आजवर नाही थांबलं..
पण आज अचानक माझ्या मनात हे आलं..
"का जीव देतोस रे ? कोणीतरी आहे तुझ्यासाठी थांबलेलं..
शोध ना जरा तिला जी शोधतेय खरं प्रेम तुझ्यातलं.."

अन् आज मला पुन्हा जगावसं वाटलं..

आणि असच मला आज जगण्याचं एक कारण गावलं..
मानसीचे विसर पडून एकटं राहणं येऊ लागलं..
पण शेवटी तिला दिलेलं वचन मला आठवलं..
"मर जाऊँगा तेरे बिना.." माझच शब्द मला नडलं..
जाऊ दे.. परत पुन्हा एकदा मी मरायचच ठरवलं...!!




                  Sumiet23
This Article was written in the remembrance of Manu..












Yeh pyaar main kyu hota hai.. Yeh pyaar main kyu hota hai..
Kyu kisi ko wafa ke badle wafa nahi milti..
Kyu kisiko duaa ke badle duaa nahi milti..
Kyu kisiko khushi ke badle khushi nahi milti..
Kyu kisiko hasee ke badle hasee nahi milti..
 Yeh pyaar main kyu hota hai.. Yeh pyaar main kyu hota hai..


Thursday, 21 February 2013

दगाबाझ...

यही तोह वोह दुनिया है.. फिर भी सब बदल गया है..
दिखते यहाँ तोह सब है.. फिर भी कोई है नही..

मै आज भी अच्छा हूँ.. बदल तोह वोह गयी है..
पर क्यू सभी केहते है.. तू पेहले की तरह रहा नही..

खो गया है सब कुच्छ.. सब जगह अँधेरा है..
मंद सा मेरे जान का दिया.. वोह भी क्यू बुझता नही..?

खेल गयी वोह जीस्म से.. दिल को तोह मार ही दिया है..
खुद को आयिने मे देख.. क्यू उसे मेरी याद आती नही..?

प्यार के सिवा कुछ नही.. हाँ मुझमे कमी है..
पर देखा है मैने उन्हे.. जिन्हे पैसो से प्यार मिला नही..

मेरी तरह तोह नही.. पढी लिखी वोह बहोत है..
लेकिन ईंसानो की तरह.. क्यू उसे जिना आता नही..?

अच्छा ही मै करता गया.. पर बुरा ही मुझे मिला है..
कैसी है यह बेवसी.. माँग कर भी मुक्ती मिलती नही..

जो उसने किया मैरे साथ.. कभी तोह उसे वोह पाना है..
वरना दगाबाझोंके इलावा.. यहाँ कोई नजर आयेगा नही..



                                                            Sumiet23

  This was written in the remembrance of Manu..

Friday, 15 February 2013

देखा है मैने करीब से..

देखा है मैने करीब से | इस जहाँ को गेहराई से | एक इन्सान को बदलते हुए | देखा है मैने करीब से..

आँखे से टपकते खून को | अकेलेपन के स्मशान को | एक सच्चे प्यार को हारते हुए | देखा है मैने करीब से..

रीश्तोंको मरते हुए | वादोंके तुटते हुए | बिछड़ते उस बविष्य को | देखा है मैने करीब से..

अपना पराया हो जाना | प्यार नफरत मैं बदलना | अच्छे कर्मोंका बुरा अंजाम | देखा है मैने करीब से..

जिसने जन्नत दिखलाया | मुझसे गेहरा प्यार किया | उसीने दिये मौत को | देखा है मैने करीब से..

जिसके लिये दुनिया छोडी | जिसे हर वोह बात केह दी | उसीके हर झूठे ग्वाँहींको | देखा है मैने करीब से..

जिसे मैने भगवान माना | माँ, बेटी और बेहेन जाना | उसीके पैर की ठोकरोंको | देखा है मैने करीब से..

उसके चाहत भरे मौसम को | उसके हर एक जीस्म को | एक बेवफा के प्यार को | देखा है मैने करीब से..

दुनिया के सामने वोह अच्छी है | पर अंदर से तोह कुछ और ही है..
कोई ना जान सका उस "और" को...  हाँ.. जाना है मैने करीब से..




                                                   - Sumiet23

                        (This Article was written in the remembrance of Manu)

Thursday, 14 February 2013

तेरा ही रहूँगा...

जो भी कुच्छ करुँगा.. अच्छा ही करुँगा..
जिसने मुझे रुलाया.. उसका भी भला चाहुँगा..
अपने गलतीयोंका एहसास.. मैं हर रोज करुँगा..
कल किया था बुरा.. वोह मैं आज पाऊँगा..

तुने समझाया था कभी.. हा मैं अभी समझूँगा..
आँख मैं आँसू छूपाकर.. सबको मैं हसाउँगा..
खुद के खुशी के लिये.. अब ना किसी को सताउँगा..
जहा से आया था मैं.. फिर वही लौट जाऊँगा..

अपनोंने मुझे ठूकराया.. अब किसी का क्या कहलाऊँगा..?
अकेली ईन राहों मैं.. तुझे मैं धूँढ़ता फिरुँगा..
जिंदगी मैं बडा ना बन पाया.. पर अच्छा ईन्सान तोह बनूँगा..

ऐ मेरे खुदा.. जरा अपनाले यह सुमीत को..
के जब तक रहूँगा.. "तेरा ही रहूँगा.........."



Sumiet23